आधुनिक ब्रह्मास्त्र है परमाणु बम, लेकिन कैसे?

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वर्तमान में हम जिन अस्त्र-शस्त्र का उपयोग करते हैं। उनको बनाने की प्रेरणा कहीं न कहीं प्राचीन ग्रंथों से मिलीहै।पौराणिक समय में दिव्य मंत्रों का उपयोग कर शत्रु पर प्रहार किया जाता था। वर्तमान में ऐसे कई हथियार हैं जोआवाज से चलते हैं। ठीक इसी तरह भगवान शिव के पास पशुपाशस्त्र था, इस शस्त्र के बारे में उल्लेख मिलता हैकि यह लक्ष्य पर जाकर उसे पूरी तरह तबाह कर देता है। आधुनिक समय का हाइड्रोजन बम इसका ही एक रूप है।वाल्मीकि रामायणमें उल्लेख मिलता है कि रावण सीता का अपहरण कर उन्हें पुष्पक विमान में ले गया था। यहविमान युद्ध के समय भी उपयोग लाया जाता था। जिनमें अस्त्र-शस्त्रों का भी प्रयोग किया जाता था।आधुनिक समय का परमाणु बम, प्राचीन काल के ब्रह्मास्त्र का ही रूप है। जो लक्ष्य का पूरी तरह विनाश कर देताहै। तो वहीं, इंद्र का अस्त्र वज्र था। वज्र से विद्युत ऊर्जा निकलती थी। जो शरीर को पूरी तरह से जला देती थी।आधुनिक समय में वज्र का कार्य, लेजर लाइट करती है।श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र का आधुनिक रूप मिसाइलें हैं जो लक्ष्य तय करने पर उसे नष्ट कर देती है। लेकिन वहवापिस नहीं आ सकती हैं। यह काफी हद तक सुदर्शन चक्र की तरह ही हैं।(source: https://naidunia.jagran.com)

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 2019-11-14


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